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Showing posts from December, 2018

मातृ स्पर्श

मातृ स्पर्श ... माता के स्पर्श मात्र से बचपन में किलकारी है बालक की मुस्कान मनोहर हर माता को प्यारी है ! अमीर गरीब माता नहीं होती माता केवल माता है सम भाव सागर ममता का बहता जहां...

दिल

दिल दिल आज बेकरार लगता है तेरी धड़कन का तलब गार लगता है ! टूटे ही नहीं अब तलक रोये भी बहुत जाने क्यूँ इश्क गुनहगार लगता है ! तेरी तलाश मैं हम खुद को खो बैठे जिंदगी का सफर बेकार सा ...

नारी अरि मर्दन तू

अरि मर्दन है  तू ... नारी तू अरि चंडिका तू शक्ति रूपा तू भक्ति रूपा ! भू डोलन तू आंदोलन तू भय हारिणि अवलोकन तू ! नर्तन तू गायन है तू शंख नाद संग ताण्डव है तू ! खण्ड अखण्ड नव नूतन है त...