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शुभ कामना पाँच लिंकों का आंनद के तीन वर्ष पूर्ण होने पर

शुभ कामना "पाँच लिंको का आनंद "
के तीन वर्ष पूर्ण होने पर ..💐

पाँच लिंक का आनंद अनूठा
पंचतंत्र की व्याख्या सा
पाँच लिंक का मंच है उत्कृष्ट
काव्य जगत मन भावन सा ! 🌺

क्या कैसे  उदभाव लिखूं में
क्या कहूँ मन हर्षित है
तीन वर्ष की शैशवास्था
स्वर्ण सरीखी भासित है ! 🌺

पल प्रति पल अनुकूल रहे
आनँद प्रति पल जाग्रत हो
स्वस्थ काव्य की सुरुचि व्यवस्था
सदा इसी तरह से जारी हो ! 🌺

डा इन्दिरा  .✍

Comments

  1. वाह क्या बात है। बहुत खूबसूरत रचना लिखी आप ने। बस दिल खुश हो गया। लाजवाब

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    Replies
    1. आपकी खुशी हमारा पारितोष ...शुक्रिया 🙏

      Delete
  2. बहुत सुंदर रचना इंदिरा दी।

    ReplyDelete
  3. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 14 जुलाई 2018 को लिंक की जाएगी ....http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

    ReplyDelete
  4. बहुत सुंदर रचना शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  5. बहुत सुंदर...वाह्ह्ह..आभार🙏

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पुराने खत

खुशबू जैसे लोग मिले अफसानों मैं
एक पुराना खत जो खुला अनजाने मैं ।कतरा कतरा लफ्ज बह रहे थे अंदर
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मिलन

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साथ खेल कर बड़ी हुई ! डा इन्दिरा .✍
स्व रचित

इन्द्रधनुषी नार

इन्द्रधनुषी नार ...
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ना सदा दुखद सी बात
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सब रंगो को भर लेती
फीकी भद्दे रंग ढाप कर
समक्ष सरस रंग रख देती !
इंद्रधनुष के सप्त रंगो से
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नारी के कर्तव्यो का
एक तरफ सुर्ख चटकीला
दूजी तरफ रहा  फीका!
फूंक फूंक कर क़दम रख रही
नव रंगो को पजौख रही
द्रढ अस्मिता लेकर नारी
नव इन्द्र धनुष सँजो रही ! डा .इन्दिरा ✍