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वीर तनय अभीनन्दन

वीर तनय अभिनंदन ....

सब मिल कर गुहार लगाओ
केसरी नन्दन के दरबार मेंं
अभिनंदन को प्रभु छुड़ाओ
सकुशल लौटे घर बार मेंं !

बाल ना बांका हो उसका
ना कोई उसको पीड़ा हो
दुश्मन के हत्थे चढ़ा जरूर
पर उसकी पूरी रक्षा हो !

वो अभी नन्दन,तू अंजनी नन्दन
सुत हो सुत का रक्षण हो
माँ से माँ का कौल रहा
ना किंचित मात्र अवज्ञा हो !

सौगंध तुम्हे मारुति नन्दन
पवन वेग प्रस्थान करो
वीर तनय को ले आओ
मन की शंका को शान्त करो ॥

डॉ इन्दिरा गुप्ता

Comments

  1. ये दुआ कुबूल हुई इंदिरा जी | अभिनन्दन का अभिनन्दन है | भावपूर्ण रचना |

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  2. जय हिन्द जय हिन्द की सेना |

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  3. बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना...
    आपकी प्रार्थना सुन ली मारुति नंदन ने....

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