Skip to main content

यादै

Comments

  1. ये शाम की तन्हाईयां ऐसे मे तेरा गम
    वाह उम्दा

    ReplyDelete
  2. बहुत सुंदर

    ReplyDelete
  3. वाह दीदी जी खूबसूरत पंक्तिया 👌
    इस सूनेपन का भी अहसास अनोखा होता है
    किसी खास के ना होने का एहसास इसी में होता है

    ReplyDelete

Post a Comment